unseen poem in hindi with mcq questions

unseen poem in hindi with mcq questions

unseen poem in hindi with mcq questions
unseen poem in hindi with mcq questions

unseen poem in hindi with mcq questions

उठे राष्ट्र तेरे कन्धों पर,
बढ़े प्रगति के प्रांगण में।

पृथ्वी को रख दिया उठाकर,
तूने नभ के आँगन में ॥

तेरे प्राणों के ज्वारों पर,
लहराते हैं देश सभी।

चाहे जिसे इधर कर दे तू,
चाहे जिसे उधर क्षण में ।
मत झुक जाओ देख प्रभंजन,
गिरि को देख न रुक जाओ।

और न जम्बुक-से मृगेन्द्र को,
देख सहम कर लुक जाओ।

झुकना, रुकना, लुकना,
ये सब कायर की सी बातें हैं।

बस तुम वीरों से निज को
बढ़ने को उत्सुक पाओ ।

अपनी अविचल गति से चलकर
नियतिचक्र की गति बदलो।

बढ़े चलो बस बढ़े चलो,
हे युवक ! निरन्तर बढ़े चलो।

देश-धर्म-मर्यादा की
रक्षा का तुम व्रत ले लो।

बढ़े चलो, तुम बढ़े चलो,
हे युवक ! तुम अब बढ़े चलो।।

उपरोक्त पंक्तियों को ध्यान से पढ़कर निम्न प्रश्नों का सही उत्तर दो |

(1) प्रस्तुत काव्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।

(क) जम्बुक-से मृगेन्द्र |
(ख) उठे राष्ट्र तेरे कन्धों पर |
(ग) ‘देश के पराक्रमी नवयुवक।’
(घ) ‘देश के बेरोजगार नवयुवक।’

उत्तर: (ग) ‘देश के पराक्रमी नवयुवक।’

(2) “पृथ्वी को रख दिया उठाकर, तूने नभ के आँगन में” कहने का क्या तात्पर्य है?

(क) पृथ्वी के सभी देश लहराते हैं
(ख) युवकों की शक्ति से ही मातृभूमि का उत्थान होता है।
(ग) राष्ट्र कन्धों पर चढ़कर नभ में झाँकता है
(घ) युवकों ने पृथ्वी को नभ के आँगन में उतार दिया है |

उत्तर: (ख) युवकों की शक्ति से ही मातृभूमि का उत्थान होता है।

(3) कायर की सी बातों का क्या अर्थ है?

(क) कायर मनुष्य शत्रु के सामने झुक जाता है
(ख) उसका साहस के साथ सामना नहीं करता।
(ग) वह उससे डरकर अपने कदम रोक देता है।
(घ) उपरोक्त सभी

उत्तर: (घ) उपरोक्त सभी

(4) नियतिचक्र की गति कैसे बदल जाती है?

(क) पराक्रमी पुरुष अपने पुरुषत्व से भाग्य की रेखा को बदल देता है।
(ख) पृथ्वी के अपने अक्ष पर झुके होने के कारण |
(ग) युवकों की उत्सुकता से अच्छा रोजगार मिलने के कारण |
(घ) पराक्रमी पुरुष अपने पुरुषत्व से भाग्य की रेखा को मिटा देता है।

उत्तर: (क) पराक्रमी पुरुष अपने पुरुषत्व से भाग्य की रेखा को बदल देता है।

(5) ‘प्रभंजन’ से क्या तात्पर्य है ?

(क) गिरि मर्दन
(ख) नियति चक्र का रुकना
(ग) कठिन समय की चाल
(घ) प्रचंड वायु

उत्तर: (घ) प्रचंड वायु

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *